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करेंट अफेयर्स

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► प्रत्येक वर्ष हिरोशिमा शांति दिवस कब मनाया जाता है ?

A)4 अगस्त

B)5 अगस्त

C)6 अगस्त

D)7 अगस्त

     उत्तर:-C)6 अगस्त

     महत्वपूर्ण तथ्य

  • 6 अगस्त 1945 को जापान के हिरोशिमा शहर पर अमेरिकी वायु सेना ने परमाणु बम गिराया था। जिसमे लगभग चार लाख लोगों की जाने गई,जिसके पुण्यतिथि के रूप में प्रत्येक वर्ष 6 अगस्त को हिरोशिमा शांति दिवस के रूप में मनाया जाता है !
  • इस परमाणु बम का नाम लिटिल बॉय रखा गया था।
  • यह हमला अमेरिका ने जापान पर द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान किया था !
  • इस परमाणु बम का क्षमता 20 हज़ार टन का था ! जो अब तक का सबसे बड़ा परमाणु हमला था.
  • यह परमाणु बम सुबह 8.15 बजे "इनोला गे" कहे जाने वाले एक अमरीकी विमान बी-29 सुपरफोर्ट्रेस से गिराया गया था।
  • परमाणु बम के हमले के समय हिरोशिमा में 3900 डिग्री सेल्सियस का तापमान और 1005 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी पैदा हुई थी।
  • इस परमाणु बम (लिटल बॉय) का वजन 9700 पाउंड (4400 किलोग्राम), लंबाई 10 फुट था।
  • इस बम में 6.4 किलोग्राम प्लूटोनियम का उपयोग किया गया था।

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► मई 2019 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे के इस्तीफा देने के बाद हाल में ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के रूप में किसे निर्वाचित किया गया है ?

A)निगेल फेराज

B)क्रिस मर्केल

C)बोरिस जॉनसन

D)एली जॉनसन

     उत्तर:-C)बोरिस जॉनसन

     महत्वपूर्ण तथ्य

  • मई 2019 से ब्रिटेन के प्रधान मंत्री टेरीज़ा मे के इस्तीफा के बाद वहां के प्रधानमंत्री के पद खाली पड़ा था जिसके लिए नए प्रधानमंत्री के रूप बोरिस जॉनसन 24 जुलाई 2019 को अपना कार्यभार संभाला.
  • सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव में जॉनसन ने अपने प्रतिद्वंदी जेरेमी हंट को लगभग 50000 वोटो के अंतर से हरा दिया.
  • ब्रिटेन में सत्तारूढ़ पार्टी का मुखिया ही प्रधानमंत्री बनता है।
  • बोरिस जॉनसन इससे पहले सांसद और विदेश मंत्री रह चुके है.
  • वो दो बार लंदन के मेयर रह चुके हैं. साल 2008 में वो पहली बार शहर के मेयर बने.
  • इससे पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री थेरेसा मे थे, जो कि कंजरवेटिव पार्टी की नेता हैं, उसे वहां के रानी ने 13 जुलाई 2016 को नियुक्त किया था।
  • प्रधानमंत्री यूनाइटेड किंगडम सरकार के प्रमुख हैं।
  • ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास को  हाउस ऑफ कॉमन्स कहा जाता है.

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► हाल में ही भारत ने चंद्रयान-2 को सफलता पूर्वक लांच किया, इससे पहले कितने देशो ने इस उपलब्धि को हाशिल किया था ?

A)चार

B)तीन

C)दो

D)एक

       उत्तर:-C)तीन

       महत्वपूर्ण तथ्य

  • ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर पहला कदम बढ़ाते हुए 22 जुलाई 2019 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने श्रीहरिकोटा द्वीप के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रयान-2 को लांच किया.
  • इससे पहले चंद्रयान-2 को 15 जुलाई की सुबह 2:51 बजे लांच करने की तैयारी थी। लेकिन तकनिकी समस्या के कारण इस तिथि को लांच नहीं किया गया.
  • उड़ान के समय इसका वजन लगभग 3,250 किलो था ! इस मिशन में कुल  603 करोड़ रुपये की लागत आई.
  • वर्ष 2008 में भारत ने चंद्रयान-1 के रूप में अपना पहला मिशन चाँद भेजा था।
  • इसरो के 'चंद्रयान-2' रॉकेट ने प्रक्षेपण के ठीक 16 मिनट बाद यान को सुरक्षित तरीके से पृथ्वी की कक्षा में स्थापित कर दिया।
  • वर्तमान में अमेरिका, रूस और चीन ने ही अपने यान चांद पर भेजे है इन तीनों के बाद भारत ऐसा करने वाला चौथा देश बन गया है.
  • सबसे पह्ले अमेरिका का नासा ने अपने यान को वर्ष 1969 में चाँद पर भेजे था !
  • भारत के चंद्रयान-2 के साथ अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने भी अपना पेलोड भेजा है।
  • चंद्रयान-2 की लांच इसरो अपने सबसे भारी रॉकेट जियोसिंक्रोनस सेटेलाइट लांच व्हीकल-मार्क 3 (जीएसएलवी संस्करण-३) प्रक्षेपण यान द्वारा किया.
  • चंद्रयान-2 यान 7 सितम्बर 2019 को चाँद के सतह पर लैंडिंग करेगा.
  • चंद्रयान-2 को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है:-
  1. ऑर्बिटर:-ऑर्बिटर 100 किलोमीटर की ऊंचाई पर चन्द्रमा की परिक्रमा करेगा. चंद्रयान -2 के ऑर्बिटर में कुल  पांच पेलोड जिसमे तीन नए व दो चंद्रयान-1 ऑर्बिटर पर भेजे जाने वाले पेलोड हैं। उड़ान के समय इसका वजन लगभग 1400 किलो होगा। ऑर्बिटर उच्च रिज़ॉल्यूशन कैमरा लैंडर के ऑर्बिटर से अलग होने पहले का लैंडिंग साइट के उच्च रिज़ॉल्यूशन तस्वीर देगा !
  2. लैंडर:-भारत में अंतरिक्ष विज्ञान के जनक कहे जाने वाले विक्रम साराभाई के नाम लैंडर का नाम विक्रम रखा गया है। लैंडर तथा रोवर का वजन लगभग 1230 किलो होगा। लैंडर में कुल चार पेलोड लगा हुआ है.लैंडर का निर्माण भारत में किया गया है.
  3. रोवर:-रोवर का नाम प्रज्ञान है, जो संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है ज्ञान। रोवर का वजन 20-30 किलो के बीच होगा और यह सौर ऊर्जा द्वारा संचालित होगा ! आईआईटी कानपुर द्वारा रोवर का निर्माण किया गया है.

                                 इतिहास

12 नवम्बर 2007 को इसरो और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी (रोसकोसमोस) के बीच चंद्रयान-2 को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।जिसमे ऑर्बिटर तथा रोवर की जिम्मेदारी इसरो को तथा रोसकोसमोस को लैंडर की जिम्मेदारी दिया गया .18 सितंबर 2008 को तात्कालिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस अभियान को स्वीकृति दी । अंतरिक्ष यान के डिजाइन अगस्त 2009 में किया गया जिसमे दोनों देशों के वैज्ञानिकों ने अपना संयुक्त योगदान दिया. रूस द्वारा लैंडर को समय पर विकसित करने में असमर्थ होने के कारण जनवरी 2013 में स्थगित कर दिया गया। तथा अभियान को 2016 के लिये पुनर्निर्धारित किया।रूस को मंगल ग्रह के लिए भेज़े फोबोस-ग्रन्ट अभियान मे मिली विफलता के कारण चंद्रयान -2 कार्यक्रम से अलग होने का निर्णय लिया जिसके बाद  भारत ने चंद्र मिशन को अकेले विकसित करने का फैसला किया।

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