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करेंट अफेयर्स

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► विश्व मलेरिया दिवस कब मनाया जाता है ?

A)21 अप्रैल

B)22 अप्रैल

C)25 अप्रैल

D)26 अप्रैल

      उत्तर:-C)25 अप्रैल

      महत्वपूर्ण तथ्य

  • मलेरिया जैसी गम्भीर बीमारी की ओर लोगों का ध्यान आकृष्ट करने के लिए प्रति वर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है.
  • विश्व मलेरिया दिवस का मुख्य उद्देश्य मलेरिया से लोगों को जागरूक और उनकी जान की रक्षा करना है.
  • साल 2019 में विश्व मलेरिया दिवस की थीम “जीरो मलेरिया स्टार्ट्स विथ मी" है. जिसका मतलब है कि मलेरिया को खत्म करने के लिए सभी व्यक्तियों को अपने स्तर पर प्रयास करने चाहिए और इसकी शुरुआत वो अपने से करें.
  • विश्व मलेरिया दिवस वर्ष 2007 में विश्व स्वास्थ्य सभा के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सदस्य राष्ट्रों द्वारा शुरू किया गया था. लेकिन पहली बार 'विश्व मलेरिया दिवस' 25 अप्रैल 2008 को यूनिसेफ द्वारा मनाया गया था.
  • भारत ने साल 2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य रखा है. जबकि साल 2027 तक पूरे देश को मलेरिया मुक्त बनाया जाएगा |
  • विश्व की सबसे ज्यादा  मलेरिया पीड़ित लोग 27 फीसदी नाइजीरिया में रहते हैं.  दूसरे स्थान पर 10 फीसदी मलेरिया पीड़ित आबादी के साथ अफ्रीका का ही कांगो गणराज्य काबिज है. जबकि तीसरे स्थान पर छह फीसदी आबादी के साथ भारत काबिज है.
  • मलेरिया एक मच्छरजन्य प्लासमोडियम परजीवी से उत्पन्न रोग है, जो रक्त-कोशिकाओं को संक्रमित करता है. तथा मलेरिया के परजीवी का वाहक मादा एनोफ़िलेज़ (Anopheles) मच्छर है.
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► हाल में ही नासा द्वारा प्रक्षेपित रोबोटिक लैंडरइनसाइटने किस ग्रह पर पहली बार भूकंप दर्ज किया है ?

A)मंगल

B)बुध

C)अरुण

D)वरुण

उत्तर:-A)मंगल

      महत्वपूर्ण तथ्य

  • अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार नासा द्वारा प्रक्षेपित रोबोटिक लैंडरइनसाइटने पहली बार मंगल पर भूकंप दर्ज किया है.
  • इनसाइट' 26 नंबवर 2018 को मंगल ग्रह पर उतरा था. इस रोबोट को विशेष रूप से मंगल ग्रह के अध्ययन के लिए डिज़ाइन किया गया है. यह ग्रह के तापमान, रोटेशन और भूकंपीय गतिविधि के माप लेने के लिए कई उपकरणों से लैस है.
  • नासा के अनुसार मंगल ग्रह के भीतर से भूकंपीय संकेत मिले हैं और ऐसा पहली बार हुआ है. इससे पहले सतह के ऊपर के वायु जैसे कारकों के कारण भूकंपीय संकेत मिलते थे.
  • नासा के इनसाइट का 6 अप्रैल 2019 को मंगल पर 128वां दिन था. ये मंगल ग्रह पर वैज्ञानिक मानव बस्ती बसाने पर शोध कर रहे हैं.
  • नासा के वैज्ञानिक ने इस कंपन को 'मार्सक्वेक' नाम दिया है.
  • संकेत के सटीक कारण का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक अब भी डेटा की जांच कर रहे हैं.
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► हाल में ही देश में विकसित लम्बी दूरी तक मार करने वाले सब-सोनिक क्रूज़ मिसाइलनिर्भय' का सफल परिक्षण किस स्थान से किया गया ?

A)चांदीपुर

B)पोखरण

C)श्रीहरिकोटा

D)चेन्नई

      उत्तर:-A)चांदीपुर

      महत्वपूर्ण तथ्य

  • रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने देश में विकसित लम्बी दूरी तक मार करने वाले सब-सोनिक क्रूज़ मिसाइलनिर्भयका 15 अप्रैल 2019 को चांदीपुर ओडिशा स्थित परीक्षण स्थल से सफल परीक्षण किया.
  • भारत के रक्षा अनुसंधान संगठन द्वारा इस मिसाइल को स्वदेश में विकसित करने का कारण मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम (MTCR) समझौता भी है जिसके तहत इतनी लंबी दूरी तक कोई दूसरा देश तकनीक साझा नहीं कर सकता है.
  • मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम (MTCR) एक अंतर्राष्ट्रीय निर्यात नियंत्रण समझौता है जिसके अंतर्गत 300 किलोमीटर और 500 किलोग्राम तक के वॉरहेड को ले जाने वाले उपकरण बनाने के लिए कोई एक देश दूसरे देश की तकनीकी सहायता नहीं कर सकता है.
  • इस समझौते को वर्ष 1987 में जी-7 सदस्य देशों द्वारा स्थापित किया गया था. भारत वर्ष 2016 में इस क्लब का सदस्य बना था.
  • मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम समझौता के कारण ही भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का रेंज 300 किलोमीटर तक ही रखा गया.
  • निर्भय मिसाइल 300 किलोग्राम तक के परमाणु वारहेड को अपने साथ ले जा सकती है.
  • निर्भय दो चऱण वाली, छह मीटर लंबी और 0.52 मीटर चौड़ी मिसाइल है.
  • यह मिसाइल 0.6 से लेकर 0.7 मैक की गति से उड़ सकती है.
  • इसका प्रक्षेपण वजन अधिकतम 1500 किलोग्राम है जो 1000 किलोमीटर तक मार कर सकती है.
  • इसमें एडवांस सिस्टम लेबोरेटरी द्वारा विकसित ठोस रॉकेट मोटर बूस्टर का प्रयोग किया गया है जिससे मिसाइल को ईंधन मिलता है.
  • यह मिसाइल क्षमता में अमेरिका के प्रसिद्ध टॉमहॉक मिसाइल के बराबर है. इस मिसाइल की सटीकता काफी ज्यादा मानी जाती है.

 

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