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करेंट अफेयर्स 22/7/2019

रातापानी वन्यजीव अभयारण्य बाघ आरक्षित घोषित
Posted Date- 22/7/2019
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► हाल में ही मध्य प्रदेश सरकार ने किस वन्यजीव अभयारण्य को बाघ के लिये आरक्षित घोषित करने का निर्णय लिया है?

A)बांधवगढ़

B)पन्ना

C)पेंच

D)रातापानी

     उत्तर:-D)रातापानी वन्यजीव अभयारण्य

     महत्वपूर्ण तथ्य

  • हाल में ही मध्य प्रदेश सरकार ने रातापानी वन्यजीव अभयारण्य (Ratapani Wildlife Sanctuary) को बाघ के लिये आरक्षित बनाने की घोषणा की है.
  • राज्यों द्वारा तैयार किए गए बाघ आरक्षित के लिए आवेदन को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत करने के बाद अभ्यारण्य आरक्षित हो जाता है.
  • रायसेन, सीहोर तथा भोपाल ज़िलों का लगभग 3,500 वर्ग किमी का क्षेत्र बाघों के लिये आरक्षित किया गया है।
  • 1,500 वर्ग किमी. क्षेत्र को कोर क्षेत्र के रूप में जबकि 2,000 वर्ग किमी को बफर ज़ोन के रूप घोषित किया जायेगा.
  • इस क्षेत्र को बाघ अभयारण्य के रूप में घोषित किये जाने से अवैध खनन और अवैध शिकार से बाघों को संरक्षण मिलेगा.

      रातापानी वन्यजीव अभयारण्य

  • रातापानी बाघ अभयारण्य भारत के मध्य प्रदेश राज्य के रायसेन जिले में स्थित है।
  • यह अभ्यारण्य सुन्दर सागौन (टीक) वनों के लिये प्रसिद्ध है।
  • इसमें बाघ, लियोपार्ड (leopards), जंगली कुत्ते, स्लॉथ बीय, शियार, लोमड़ी, चीतल, सांभर, नीलगाय, चिंकारा, चौसिंघा, हनुमान लंगूर, आदि की प्रमुखता है.
  • भीम वेतका गुफा इसी अभयारण्य के अन्दर है। जिसको यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत स्थल में शामिल किया गया है.
  • यह अभ्यारण्य कुल 890 वर्ग किमी. के क्षेत्रफल में फैला है।
  • वर्तमान में इस अभयारण्य में बाघों की संख्या लगभग लगभग 40 है.
  • इसे वर्ष 1976 में एक वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया !

       राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण

  • राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की स्थापना दिसंबर 2005 में टाइगर टास्क फोर्स की सिफारिश के बाद की गई थी.
  • 1973 में विश्व वन्य कोष के सहयोग से भारत सरकार द्वारा प्रोजेक्ट टाइगर शुरू किया गया था।
  • जिसको वर्ष 2005 में पुनर्गठन करके राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण का गठन किया गया.
  • राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण का मुख्य उदेश्य बाघों का संरक्षण प्रदान करना,उनका आकलन रखना,नए टाइगर रिजेर्वे बनाना है.

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